पहले से थी पूरी प्लानिंग, रेकी के बाद वारदात
मृतक की पत्नी शालू ने बताया कि हमलावर पहले से ही उनके पति की रेकी कर रहे थे। उन्हें रोजाना के टाइम, रास्ते और बैग में मौजूद कीमती जेवरात की पूरी जानकारी थी।
उन्होंने बताया कि घटना से एक दिन पहले भी घर के बाहर दो संदिग्ध युवक खड़े होकर फोन पर बात कर रहे थे, लेकिन उस समय शक को नजरअंदाज कर दिया गया।
सालों से एक ही रूटीन बना मौत की वजह
मृतक के छोटे भाई रूपेश चौपड़ा के अनुसार, योगेंद्र की दुकान नगर तिराहे पर थी, जो घर से करीब 400 मीटर दूर थी।
वह रोजाना शाम करीब 7:30 बजे दुकान बंद कर उसी रास्ते से घर लौटते थे और सुबह-शाम जेवरात से भरा बैग साथ रखते थे। इसी तय दिनचर्या का फायदा उठाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
विधायक का बयान: ढील हमारी थी
घटना के बाद मौके पर पहुंचे विधायक जगत सिंह ने कहा कि क्षेत्र में पिछले 18 महीनों में कई वारदातें हुई हैं, लेकिन पहली बार इतनी बेरहमी से हत्या हुई है। उन्होंने माना कि सतर्कता में कमी रही।
कस्बे में आक्रोश, बाजार में प्रदर्शन
वारदात के बाद पूरे कस्बे में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
लोगों ने शव को मुख्य बाजार से रैली निकालते हुए थाने के सामने रखकर विरोध प्रदर्शन किया।
स्थिति को देखते हुए नदबई, लखनपुर और उच्चैन समेत आसपास के थानों से पुलिस बल तैनात किया गया।
72 घंटे का अल्टीमेटम
सर्व समाज और व्यापारियों ने प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांगें रखीं
हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी
पीड़ित परिवार को न्याय
सरकारी नौकरी और आर्थिक मुआवजा
मृतक के बेटे को सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS में प्रवेश
मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन बाजार बंद और आमरण अनशन की चेतावनी दी गई।
जांच जारी, CCTV खंगाले जा रहे
सीओ अमर सिंह राठौड़ के अनुसार, मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है।सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया गया है।
